शनिवार, 13 जून 2009

१२ जून, कम उपस्थिति ज्यादा बातें।


यह सप्ताह हम तुम और गैंडा फूल के प्रदर्शन का है। अधिकतर रिहर्सल दुबई में ही चल रहे हैं। क्यों कि कलाकार दुबई के हैं। कुछ लोग भारत गए हैं या अन्य किसी देश। इस सबके चलते इस बार चौपाल में उपस्थित कम रही। बहुत से विषयों पर चर्चा हुई जिसमें सबसे पहले हबीब तनवीर तथा सड़क दुर्घटना में दिवंगत ओमप्रकाश आदित्य, नीरज पुरी और लाडसिंह गुर्जर के श्रद्धांजलि दी गई। फ़िल्म सीरियलो, नाटकों तथा फिल्मों की आधुनिक शैली व उनके बदलते रूप पर बातचीत हुई। पुराना मंच बनाम नया मंच पर लंबी बहस भी हुई।

कार्यक्रम के अनुसार आज चरणदास चोर का पाठ होना था पर किसी का वैसा मूड बना नहीं। आज उपस्थित लोगों में थे- प्रकाश, दिलीप परांजपे, मेनका, कौशिक, मैं और प्रवीण सक्सेना। एक नए मेहमान भी थे मुस्तफ़ा। कौशिक देर से आए थे। वे हम तुम की प्रकाश व्यवस्था और संगीत को लेकर प्रकाश से बात करते रहे। चौपाल थोड़ा देर से शुरू हुई थी। १ बजे खतम हुई। लंदन से तेजेन्द्र शर्मा और ज़किया ज़ुबैरी ने थियेटर वाला के लिए कुछ धनराशि भेजी थी वह आज उन्हें दे दी गई। इसका उपयोग अगले प्रदर्शन में हो सकेगा।

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