शनिवार, 21 नवंबर 2009

२० नवंबर, प्रो. हिज़बिज़बिज़


आज की चौपाल के विशेष आकर्षण रहे प्रो. हिज़बिज़बिज़। सब लोग नहीं जानते हैं कि सत्यजित राय ने रहस्य और रोमांच से भरपूर अनेक कहानियाँ लिखी हैं। प्रो. हिज़बिज़बिज़ ऐसी ही एक कहानी थी। उनकी लिखी ऐसी एक कहानी फ्रिंस हम पहले ही पढ़ चुके हैं।

उपस्थिति आज भी कम रही। कुछ तो इसलिए कि सब लोग बकरीद की तैयारियों में व्यस्त हैं। दूसरे २१ की शाम शारजाह लेडीज़ क्लब के लिए थियेटरवाला और इन टू आर्ट की ओर से गेंडा-फूल का मंचन भी होना था। कुछ लोग उसके रिहर्सल में व्यस्त रहे। आज उपस्थित लोगों में थे- सबीहा, प्रकाश, प्रवीण और मैं। प्रवीण जी का कैमरा आज नहीं चला सेल ठीक से चार्ज नहीं हुए थे इसलिए आज की फोटोग्राफ़र बनीं सबीहा। चित्र में बाएँ से प्रवीण सक्सेना, प्रकाश सोनी और मैं।

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