रविवार, 12 जुलाई 2009

१०- जुलाई, ईदगाह

आज की चौपाल में खजूर में अटका का पाठ होना था। हालांकि भूमिकाओं के निर्णय का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है पर जिन लोगों को पहली दृष्टि में इसमें काम करने का निमंत्रण दिया गया था उसमें से सब उपस्थित नहीं थे। इंतज़ार करते हुए पहले प्रकाश सोनी ने प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का पाठ किया।

नाटक के निर्देशक डॉ.उपाध्याय भारत गए हुए हैं। उपस्थित लोगों में आज थे- सबीहा, बिमान दा, प्रकाश, मीर, कौशिक, इरफ़ान, मैं और प्रवीण सक्सेना। ईदगाह के बाद चाय हुई और उसके बाद खजूर में अटका का दूसरा भाग पढ़ा गया। आज मुझे कुछ काम था घर पर इसलिए चौपाल खतम होने से कुछ पहले ही उठ गई। आशा है अगली चौपाल में उपस्थिति इससे बेहतर रहेगी।

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